VIDEO: सोनम वांगचुक ने बनाया आइस का पिरामिड

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ये हैं रियल लाइफ के फुन्सुक वांगडू. जी हां, हम बात कर रहे हैं सोनम वांगचुक की. जिनके द्वारा बनाए गए आइस स्तूप से लेह में पानी की समस्या का काफी आराम मिल रहा है. सोनम वांगचुक बर्फ का पिरामिड बनाकर लोगों की बुझा रहे हैं लोगों की प्यास.

इन्होंने जल संरक्षण के लिए मैनमेड आइस स्तूप बनाया है. ये स्तूप जितना सैलानियों को आकर्षित करता है, उससे कहीं ज्यादा ये आम लोगों की प्यास बुझाने का काम आ रहा है.

लद्दाख के रहने वाले सोनम वांगचुक पेशे से एक इंजीनियर और आविष्कारक हैं. वांगचुक ने साल 1988 में गठित स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख के गठन में अपनी अहम भूमिका निभाई थी. सौर ऊर्जा पर चलने वाले स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख के परिसर का डिजाइन भी सोनम वांगचुक ने ही तैयार किया है. स्कूली शिक्षा में सुधार के लिए वांगचुक ने साल 1994 में ऑपरेशन न्यू होप शुरू किया.

फिल्म “थ्री इडियट्स” में आमिर खान का किरदार सोनम वांगचुक की जिंदगी से प्रेरित था. सोनम वांगचुक रोलेक्स अवॉर्ड से सम्मानित किए जा चुके हैं. सोनम वांगचुक ने करीब 6 साल पहले मैनमेड आइस स्तूप के जुगाड़ का आइडिया दिया था.

बर्फीले स्तूप के जरिए ड्रिप एरिगेशन सिस्टम के इस्तेमाल से सिंचाई भी की जाती है. पांच साल पहले पहली बार झाड़-झंखाड़ और पाइपों की मदद से बना था ये आइस स्तूप. वांगचुक की तकनीक से आइस स्तूप बनाने में मशीन या बिजली की जरुरत नहीं होती.

इसे बनाने के लिए पानी को पाइप से ग्राउंड लेवल से 60 मीटर की ऊंचाई पर बने बेस प्वाइंट तक पहुंचाया जाता है. बेस प्वाइंट पर पानी को पाइप के जरिए फव्वारे की तरह झाड़-झंखार पर गिराया जाता है. टेम्परेचर कम होने की चलते बुंद-बुंद गिर रहा पानी धीरे-धीरे आइस स्तूप में बदल जाता है. आइस स्तूप के पिघलने पर पानी को पाइप के जरिए गांव और खेतों तक पहुंचाया जाता है.

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