हिंदी न्यूज़ – Songpedia : भारतीय रेल के 165 सालों पर पेश है बॉलीवुड की ‘रेल-माला’

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डिक्शनरी देखें तो ‘रेलवे’ का मतलब है ट्रेन, ट्रैक, संस्थान और काम करने वाले लोगों का एक ऐसा नेटवर्क जो इसे चलाने के लिए जरूरी होता है. तो ऐसे में ट्रेन के बारे में लिरिकल, म्यूजिकल और रोमांटिक क्या हो सकता है. लेकिन इसका जवाब हिंदी फिल्में बखूबी देती है. फिल्मों में कई कहानियां और गाने ट्रेन के इर्द-गिर्द बुने गए हैं. ब्लॉकबस्टर फिल्म शोले की शुरुआत और अंत ट्रेन के साथ होता है. म्यूजिक डायरेक्टर्स ने तो ट्रेन की सीटी और उसके चलने की ‘छुक-छुक’  में भी म्यूजिक निकाल लिया. अब चाहे बच्चा हो, प्यार में डूबे दिल या जिंदगी से जुड़ी फिलॉस्फी हर मौके पर ट्रेन को जोड़ते हुए कई गाने लिखे गए हैं.

1- अपनी तो हर आह एक तूफान है (काला बाजार-1960) : देव आनंद और वहीदा रहमान. यह गाना अपने आप में बेहद शानदार है जहां देव आनंद ऊपर वाली सीट पर बैठी वहीदा से इशारों-इशारों में बात करने की कोशिश कर रहे हैं.

2- है अपना दिल तो आवारा (सोलवां साल-1958) : यह लोकल ट्रेन में बड़ी ही खूबसूरती से फिल्माया गया गाना है. जहां देव आनंद वहीदा रहमान को चिढ़ाते नजर आ रहे हैं. वहीं वहीदा अपने बॉयफ्रेंड के साथ भाग रही हैं. इस गाने में देव आनंद के साथ एक्टर सुंदर नजर आ रहे हैं.

3- मेरे सपनों की रानी (अराधना-1969) : यह गाना हिंदी फिल्मों में रेलवे रोमांस का एक बेहतरीन उदाहरण है. इसमें राजेश खन्ना शर्मिला टेगोर को देखकर गुनगुनाते नजर आते हैं.

4- धन्नो की आंखों में (किताब-1977) : यह गाना एक्टर राम मोहन पर फिल्माया गया है. इसे आर.डी.बरमन और राम मोहन ने मिलकर गाया है. इसमें राम मोहन एक इंजन ड्राइवर के रोल में नजर आए जो अपनी प्रेमिका के गांव के पास से गुजरने पर उसे पुकारता है. गाने के साथ ट्रेन की धुन को बखूबी इस्तेमाल किया गया है.

5- कास्तो माजा हे रैलाइमा (परिणीता-2005) : दार्जलिंग में की टॉय ट्रेन में सैफ अली खान और विद्या बालन पर फिल्माया गया ये गाना परिणीता फिल्म में था. इसमें सैफ के साथ कई सारे बच्चे थे जो साथ-साथ नेपाली में कोरस करते हैं. इस गाने को सोनू निगम और श्रेया घोषाल ने गाया है.

6- हम दोनों दो प्रेमी (अजनबी-1974) : इस गाने में दो प्रेमी माल गाड़ी घर से भागते दिखाए गए हैं. ट्रेन की धुन और सीटी की आवाज के साथ बखूबी तैयार किया गया है.

7- धड़क धड़क धुंआ उड़ाए रे (बंटी और बबली-2005) : यह छोटे शहर के युवा अभिषेक बच्चन और रानी मुखर्जी के सफर की शुरुआत की कहानी बताता है. इस गाने के बोल गुलजार ने लिखे हैं.

8- रेल गाड़ी रेल गाड़ी (आशीर्वाद-1968) : यह गाना 60 के दशक का रैप सॉन्ग है. आशीर्वाद फिल्म के इस गाने को अशोक कुमार ने गाया था. यह गाना किशोर कुमार बच्चों के साथ खेलते हुए गाते हैं.

9- चील चील चिल्ला के (हाफ टिकट-1962) : यह किशोर कुमार की बेस्ट परफॉर्मेंस में से एक है. यह एक ऑफ बीट ट्रेन सॉन्ग है. प्राण और किशोर कुमार को इसमें साथ देखना एक मजेदार एक्सपीरियंस है.

10- गाड़ी बुला रही है (दोस्त-1974) : ट्रेन जिंदगी का एक प्रतीक है. यह खूबसूरत गाना किशोर कुमार ने गाया और यह हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है.

यह आर्टिकल सॉन्ग पीडिया से लिया गया. इसे अंग्रेजी में पढ़ने के लिए क्लिक करें- 

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