हिंदी न्यूज़ – 8वीं में फेल हुए थे 3 Idiots के ‘फरहान’, मुश्किल में मिला इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन!

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बॉलीवुड को ‘रामजी लंदन वाले’, ‘रंग दे बसंती’, ‘गुरू’, ‘मुंबई मेरी जान’, ‘3 इडियट्स’, ‘तनु वेड्स मनु’ और ‘साला खड़ूस’ जैसी बेहतरीन फ़िल्में देने वाले आर माधवन का आज जन्मदिन है.

1 जून 1970 को जन्मे माधवन के लिए जिंदगी कभी आसान नहीं रही. माधवन एक ऐसे तमिल परिवार से ताल्लुक रखते हैं जहां पढ़ाई को बहुत अधिक महत्व दिया जाता था, बावजूद इसके वो 8वीं में फेल हो गए. किसी तरह उन्हें कोल्हापुर के इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन मिला.

फ़िल्मों में करियर बनाने के मकसद से माधवन मुंबई आए. शुरुआत टीवी से की. 1996 में आए एक टीवी सीरियल “बनेगी अपनी बात” में काम किया. इसी साल माधवन ने सुधीर मिश्रा की फ़िल्म ‘इस रात की सुबह नहीं’ में भी एक रोल किया, जिसके लिए उन्हें क्रेडिट तक नहीं दिया गया.

1997 में माधवन ने मणिरत्नम की फ़िल्म ‘इरुलर’ के लिए ऑडिशन भी दिया था. पर बाद में मणिरत्नम ने ये कह कर उन्हें रिजेक्ट कर दिया कि वो रोल के लिए फिट नहीं हैं.माधवन को पहली पहचान टीवी से ही मिली. ‘घर जमाई’, ‘साया’, ‘सी हॉक्स’ और ‘ये कहां आ गए हम’ जैसे सीरियल्स से वो घर-घर में जाने जाने लगे.

माधवन के जीवन में पहला ब्रेक थ्रू आया साल 2001 में जब वो गौतम मेनन की फ़िल्म ‘रहना है तेरे दिल में’ के मैडी के किरदार में लोगों के दिलों में बस गए. एक लड़की से दिवानों की तरह प्यार करने वाले लड़के का किरदार दर्शकों को इतना पसंद आया कि इस फ़िल्म के लिए माधवन को स्क्रीन अवॉर्ड से भी नवाजा गया था.

फिर तो माधवन पीछे मुड़ के नहीं देखा, ‘रंग दे बसंती’, ‘रामजी लंदन-वाले’, ’13बी’, ‘3 इडियट्स’, ‘तनु वेड्स मनु’, ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’, ‘साला खडूस’ जैसी एक से एक बेहतरीन फ़िल्में की.

फिलहाल माधवन अपनी फ़िल्म ‘चांदा मामा दूर के’ की शूटिंग में बिजी हैं. इस फ़िल्म में माधवन के साथ सुशांत सिंह राजपूत और नवाजुद्दीन सिद्दीकी भी मुख्य भूमिकाओं में हैं.

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