हिंदी न्यूज़ – भारत में होने वाले चुनावों को लेकर FACEBOOK के जकरबर्ग ने दिया ये बड़ा बयान.mark zuckerberg senate hearing take major care of 2018 elections of india

0
7


फेसबुक के CEO मार्क जकरबर्ग ने डेटा लीक मामले में अमेरिकी सीनेट के सामने पेश होकर माफी मांगी है. सीनेट ज्यूडिशियरी और कॉमर्स कमेटी के सामने पेश हुए जकरबर्ग ने फेसबुक से हुई गलतियों की जिम्मेदारी ली और उन्‍होंने भरोसा दिलाया कि भारत में होने वाले आगामी चुनाव में फेसबुक खास ध्यान रखेगा और किसी भी तरह से इनको प्रभावित नहीं होने देगा.

जकरबर्ग का यह बयान काफी अहम है, क्योंकि फेसबुक पर आरोप लग रहे हैं कि पॉलिटिकल ऐड के माध्यमों से रूस ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों को प्रभावित किया. इसके अलावा, फेसबुक ने ब्रेग्जिट को भी प्रभावित किया.

अमेरिकी कांग्रेस के सामने मार्क जकरबर्ग ने कैंब्रिज एनालिटिका डेटा लीक को लेकर तीखे सवालों के जवाब दिए. इस दौरान 44 सीनेटर्स ने उनसे एक-एक करके सवाल पूछे. सभी को 5 मिनट दिए गए. ये सुनवाई करीब 5 घंटे तक चली. सुनवाई के दौरान केवल दो ब्रेक लिए गए.

फेसबुक के जकरबर्ग ने कहा कि 2018 चुनाव के मद्देनजर से बहुत ही महत्‍वपूर्ण साल है. इस साल अमेरिका में मिड-टर्म इलेक्शन होने हैं. वहीं, भारत, पाकिस्‍तान, ब्राजील जैसे देशों में भी चुनाव हैं. हम भरोसा दिलाते हैं कि हम वो सब कुछ करेंगे जिससे ये चुनाव प्रभावित न हों.

उन्होंने कहा कि हम एक नया आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस ( AI) टूल बनाएंगे जो कि हजारों फेक अकाउंट्स की पहचान करके उन्हें डिलीट करेगा. और हमारी यह जिम्मेदारी है कि सिर्फ टूल्स ही ना बनाएं, बल्कि यह भी आश्वस्त करें कि इन टूल्स का इस्तेमाल अच्छे काम के लिए हो रहा हो.

यह स्पष्ट है कि हम टूल्स का इस्तेमाल गलत चीजों के लिए होने से रोक नहीं पाएं फेक न्यूज, हेट स्पीच, चुनावों में विदेशी हस्तक्षेप, डेटा की निजता जैसे नुकसान को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा पाएं. और ऐसे हम अपनी जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से नहीं निभा पाएं.

मार्क जकरबर्ग

उन्होंने कहा कि यह मेरी भूल थी और मुझे इसका अफसोस है. मैंने फेसबुक शुरू किया , मैंने इसे चलाया और यहां जो कुछ हुआ, उसके लिए मैं जिम्मेदार हूं. इसके अलावा कंपनी ने यूजर्स को सतर्क करना भी शुरू किया कि कैंब्रिज एनालिटिका ने उनका डेटा इकट्ठा  किया है.

हम जांच कर रहे हैं कि कैम्ब्रिज एनालिटिका ने गोपनीय तरीके से क्या जानकारियां चोरी की हैं. अब हमें पता है कि उन्होंने किसी ऐप डेवेलपर से खरीद कर लाखों लोगों की जानकारी, जैसे नाम, प्रोफाइल पिक्चर्स और फॉलो किए जाने वाले पेजों की जानकारी गलत तरीके से जुटाई है.

कौन है इस विवाद के पीछे?
फेसबुक डेटा स्कैंडल विवाद के पीछे ब्रिटेन की पॉलिटिकल रिसर्च फर्म क्रैंबिज एनालिटिका है. क्रैंबिज एनालिटिका पर आरोप है कि उसने करीब 9 करोड़ यूजर्स के डेटा को चुराया है और इस डेटा के जरिए 2016 में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित किया गया है.

ये भी पढ़ें-  Facebook आपको देगा ढाई लाख रुपये से ज्यादा का इनाम, बस करना होगा ये काम  
कांग्रेस कमेटी के सामने पेश होने से पहले तस्वीरों में देखिये जकरबर्ग का ये खास अंदाज



LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here