हिंदी न्यूज़ – ‘काम की बात हुई, नए दोस्त बने’, इफ्तार पार्टी के बाद राहुल गांधी का ट्वीट-congress president rahul gandhi tweet after iftar party

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लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर मजबूत महागठबंधन खड़ा करने की कोशिशों के बीच राहुल गांधी ने बुधवार को इफ्तार पार्टी का आयोजन किया. कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी की ये पहली इफ्तार पार्टी थी. इसमें 18 राजनीतिक दलों को बुलाया गया, लेकिन सिर्फ 10 दलों के नेता ही इफ्तार पार्टी में पहुंचे.

इफ्तार पार्टी के बाद राहुल गांधी ने ट्वीट कर सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया. कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्वीट किया, “अच्छा खाना, दोस्ताना चेहरों और सकारात्मक बातचीत ने इफ्तार को यादगार बना दिया. हमें दो पूर्व राष्ट्रपतियों- प्रणब दा और प्रतिभा पाटिल जी ने जॉइन किया. इनके अलावा कई राजनीतिक पार्टियों के नेता, मीडिया, राजदूत और कई नए और पुराने दोस्त भी शामिल रहे.”

बता दें कि कांग्रेस की इफ्तार पार्टी दिल्ली के ताज होटल में आयोजित हुई. इफ्तार पार्टी में दी पूर्व डॉ. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रतिभा देवी सिंह पाटिल, पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह समेत विपक्षी दलों के कई नेता शामिल हुए. इस इफ्तार पार्टी में समाजवादी पार्टी की ओर से कोई भी शामिल नहीं हुआ, वहीं उमर अब्दुल्ला भी गैरहाजिर रहे.

राहुल ने मोदी के फिटनेस वीडियो का उड़ाया मजाक
राहुल गांधी ने अपने टेबल पर बैठे गेस्ट से पूछा- ‘आपने पीएम का फिटनेस वीडियो देखा?’ फिर कुछ देर रुककर उन्होंने कहा- it’s bizarre (ये कितना अजीब है). कांग्रेस अध्यक्ष के इस कमेंट पर दिनेश त्रिवेदी और सीताराम येचुरी ने जोर से ठहाके लगाए. फिर राहुल ने हंसते हुए सीताराम येचुरी से पूछा- आपने भी अपना फिटनेस वीडियो बनाया? जिस पर येचुरी फिर ज़ोर से हंसे.

PHOTOS: कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी की पहली इफ्तार पार्टी, देखें कौन-कौन आया?

क्या है इफ्तार पार्टी के राजनीतिक मायने?
राहुल गांधी की इफ़्तार पार्टी के राजनीतिक हल्कों में कई मायने लगाए जा रहे हैं. एक तो ज़्यादातर विपक्ष के बड़े नेता की गैरमौजूदगी ने साफ़ कर दिया कि 2019 में राहुल गांधी का नेतृत्व स्वीकारने को लेकर कोई भी अभी अपने पत्ते नहीं खोलना चाहता. दो साल पहले जब सोनिया गांधी ने बतौर अध्यक्ष इफ़्तार पार्टी दी थी, तो ज़्यादातर विपक्ष के नेताओं ने उसमें शिरकत की थी. अब राहुल गांधी के इस फीके शो को ढकने के लिए कांग्रेस के नेताओं की दलील है कि आख़िरी वक़्त में इफ़्तार के आयोजन के फ़ैसले की वजह से विपक्ष के बड़े नेता इसमें शामिल नहीं हो पाए. लेकिन, ये सच्चाई कांग्रेस के नेता भी जानते हैं कि जो साख विपक्षी दलों में सोनिया गांधी की है, वहां तक पहुंचने में राहुल गांधी को अभी लंबा सियासी सफ़र तय करना होगा.



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