हिंदी न्यूज़ – अमेरिकी सीनेटरों के कमजोर तकनीकी ज्ञान से बच गए जकरबर्ग, Senators weak questions saved Facebook CEO mark zukerberg during hearings.

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सीनेटर्स के 'कमजोर' सवालों के कारण ऐसे बच गए FACEBOOK के जकरबर्ग

Facebook के सीईओ मार्क जकरबर्ग की पेशी उतनी मुश्किल भरी नहीं रही, जितनी कि उम्मीद की जा रही थी.

News18Hindi

Updated: April 11, 2018, 10:34 AM IST

अमेरिकी कांग्रेस में फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग की पेशी को लेकर किए जा रहे सारे कवरेज इशारा कर रहे थे कि वह असल जिरह के लिए पेश हो रहे हैं. जकरबर्ग ऐसे समय में वॉशिंगटन आए, जब उनकी कंपनी को डेटा प्राइवेसी और अमेरिकी लोगों की जिंदगी पर पड़ने वाले इसके असर को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे थे. हालांकि, जकरबर्ग की पेशी उतनी मुश्किल भरी नहीं रही, जितनी कि उम्मीद की जा रही थी. इसकी वजह यह रही कि जिन सीनेटर्स को फेसबुक के सीईओ जकरबर्ग से सवाल करने का जिम्मा सौंपा गया था, उन्हें असल में इस बात की जानकारी नहीं थी कि Facebook आखिर करता क्या है. सीनेटर्स को इस मामले का केवल सतही ज्ञान था.

तो ऐसे बच गए जकरबर्ग
कुछ सीनेटर्स की तरफ से पूछे गए सवाल ऐसे थे कि जैसे कोई ग्रांडफादर (दादा) यह समझने की कोशिश कर रहा हो कि आपके नए Macbook Pro में इंटरनेट कैसे आया. या फिर कोई टेड विलियम्स से यह पूछ रहा हो कि जब आपने बैट चलाया तो आपका दाएं या बाएं में से कौन सा हाथ टॉप पर था. इसकी मिसाल सीनेटर ओरिन हैच और जकरबर्ग के बीच हुए सवाल-जवाब में देखने को मिलती है. हैच ने पूछा, ‘आपकी सर्विस में यूजर आपको कोई भुगतान नहीं करता है, ऐसे में आप अपने बिजनेस मॉडल को कैसे बनाए रखेंगे.’ जकरबर्ग ने इसका जवाब कुछ यूं दिया, ‘सीनेटर, हम विज्ञापन चलाते हैं.’

कुछ सवालों ने बढ़ाई थी फेसबुक के सीईओ की मुश्किलेंहालांकि, सारे सवाल इतने कमजोर भी नहीं थे. साउथ कैरोलिना की सीनेटर लिंडसे ग्राहम काफी स्मार्ट और इंफॉर्म्ड थीं. कुछ इसी तरह से सीनेटर ब्रायन स्वार्ट्ज ने भी जकरबर्ग को अपने सवालों से घेर लिया. वहीं, सीनेटर क्रिस कून्स ने फेसबुक के ऐड टारगेटिंग से जुड़ी प्रॉब्लम्स को सामने रखा. सीनेटर्स ने जकरबर्ग से पहले चरण में जो सवाल पूछे वो ठीक थे, इसकी वजह यह थी कि उन्हें स्टॉफ के कर्मचारियों ने लिखा था, जिन्हें फेसबुक के कामकाज की जानकारी थी और उन्हें पता था कि इसके साथ क्या प्रॉब्लम हैं. समस्या यह थी कि जब जकरबर्ग ने बेहद सधी हुई पहले से तैयार स्क्रिप्ट के आधार पर सवालों के जवाब दिए तो उससे सवाल पूछने वाले सीनेटर्स का कमजोर तकनीकी नॉलेज सामने आ गया. इसका नतीजा यह हुआ कि पूरी सुनवाई के दौरान कभी भी जकरबर्ग ने खुद को बहुत दवाब में नहीं पाया. साथ ही, जकरबर्ग ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की असल समस्या से जुड़े सवालों के जवाब नहीं दिए.

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