हिंदी न्यूज़ – अमेरिकी ऐप से रीब्रांड किया गया है बाबा रामदेव का स्वदेशी ऐप Kimbho-Baba Ramdev’s Swadeshi App is rebrands from american app called ‘Bolo Chat’

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बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि ने बुधवार को सोशल मैसेजिंग ऐप किम्भो लॉन्च किया. इस ऐप को लॉन्च करते हुए पतंजलि के प्रवक्ता एस.के. तिजारावाला ने ट्वीट किया, ‘अब भारत बोलेगा.! सिम कार्ड के बाद बाबा रामदेव ने लॉन्च किया मैसेजिंग ऐप Kimbho, व्हाट्सऐप को मिलेगी टक्कर.. अपना #स्वदेशी मैसेजिंग प्लेटफार्म। गूगल प्ले स्टोर से सीधे डाउनलोड करें’

इस ऐप को पूर्ण रूप से स्वदेशी बताया गया और कहा गया कि यह व्हाट्सऐप को टक्कर देगा. हालांकि कुछ घंटे बाद ही यह लोगों की नजरों में आ गया और ऐसा पाया गया कि बाबा का यह ऐप अमेरिकी मैसेजिंग ऐप ‘बोलो’ का कॉपी है जिसे कैलिफोर्निया बेस्ड कंपनी फ्रीमोंट ने बनाया है.

Kimbho के डेवलपमेंट को लेकर आने वाली खबरों के बाद Alt News ने इसपर जांच की. इनकी खबरों के मुताबिक उन्होंने पहले एंड्रॉयड फोन पर प्लेस्टोर से किम्भो ऐप को डाउनलोड किया तो उन्हें पता चला कि ऐप को हटा दिया गया है इसके बाद उन्होंने एप्पल ऐप स्टोर से इसे डाउनलोड किया. इंस्टॉलिंग के दौरान देखा गया कि कई जगहों पर उसे ‘Bolo’ पर रिफर किया जा रहा है. जिससे पता चलता है कि किम्भो ऐप को ‘Bolo Chat’ से रिब्रांड किया गया है.

किम्भो ऐप

इंस्टॉल होने के बाद किम्भो से यह मैसेज मिला कि जिसमें लिखा था कि यह ‘भारत का पहला मैसेजिंग ऐप’ है.

किम्भो ऐप

इसके बाद उन्होंने किम्भो ऐप की वेबसाइट (www.kimbho.com) की जांच की जहां उन्होंने पया कि वेबसाइट को हटा लिया गया है. हालांकि वे कैश्ड वर्जन को खोलने में कामयाब हो गए. किम्भो के ट्विटर पर पोस्ट की गई फोटो में भी बोलो टीम का जिक्र है.

किम्भो ऐप

अपनी खोज में उन्होंने पाया कि इस ऐप को 2 साल पहले फरवरी 2016 में लॉन्च किया गया था. इसके फेसबुक पेज के पर यह जानकारी दी गई है. फेसबुक पर इसकी वेबसाइट www.bolo.chat बताई गई है लेकिन अब इस वेबसाइट को एक्सेस नहीं किया जा सकता है. हालांकि गूगल पर bolo.chat डालने पर बोलो ऐप और पतंजलि के बीच के कनेक्शन को देखा जा सकता है.

किम्भो ऐप

रिसर्च में यह भी सामने आया कि एंड्रॉयड एप स्टोर से बोलो चैट को हटा लिया गया है लेकिन उसके कैश्ड वर्जन से यह पता चला कि बोलो चैट को पतंजलि ने टेकओवर कर लिया है.

बोलो चैट

फोटो में देखकर आपको यह पता चल जाएगा कि बाबा रामदेव की पतंजलि टीम ने पहले से मौजूद बोलो चैट को रीब्रांड किया है और इसे स्वदेशी ऐप के तौर पर पेश किया है.

किम्भो ऐप

बता दें कि पतंजलि ने शुरुआत से ही दावा किया है कि किम्भो एक स्वदेशी ऐप है लेकिन इसको लेकर लगातार उठ रहे सवालों ने इसे कटघरे में खड़ा कर दिया है. हालांकि अभी इस ऐप को पूरे तरीके से प्लेस्टोर से हटा दिया गया है और कंपनी ने इसमें आई परेशानी को दूर करने की बात कही है.

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