'मेरी आधी कमाई लड़कियों के घर जाकर मिठाई देने में खर्च हो जाती है'

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मेरी मां कई सालों से मेरे लिए अच्छी दुल्हन खोज रही है लेकिन कभी बात जमी नहीं. एक तो मेरी मां के पैमाने बढ़े-चढ़े हैं और दूसरा उनका बेटा यानी मैं एकदम औसत इंसान हूं. चेहरा-मोहरा, काम, कुछ भी ऐसा नहीं कि कोई परिवार लपककर मुझे हां कर दे.

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